लॉकडाउन फेज-2 आज से / नई गाइडलाइन जारी: 20 अप्रैल से कुछ सेवाओं को छूट; बाकी पाबंदियां लागू रहेंगी, क्या खुलेगा-क्या बंद, पढ़ें A To Z

अाज से देशभर में लॉकडाउन का दूसरा फेज शुरू हो गया है। यह 3 मई तक चलेगा। इस बीच, सरकार ने बुधवार को इसके लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी। इसमें बताया गया है कि हम और आप क्या कर सकते हैं और क्या नहीं कर सकते। यानी किन बातों की छूट होगी और किन बातों पर रोक। गाइडलाइन में यह बात साफ कर दी गई है कि पाबंदियां तो अभी से लागू हैं और आगे भी लागू रहेंगी, पर कुछ सेवाओं में जो छूट मिलने वाली है, वह पांच दिन बाद, यानी 20 अप्रैल से लागू होगी। लेकिन बेहद सख्त शर्तों के साथ। यानी नियम की अनदेखी हुई तो सभी छूट खत्म। पढ़ें कहां और कैसी छूट मिलने वाली है, और कहां पर रोक जारी रहेगी…


20 अप्रैल से दुकानें खुली रह सकेंगी, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी



  • जरूरी सामान मुहैया कराने वाली ई-कॉमर्स कंपनियां।

  • जरूरी सामान बेचने वाली किराना दुकानें, राशन की दुकानें।

  • फल-सब्जी के ठेले, साफ-सफाई का सामान बेचने वाली दुकानें।

  • डेयरी और मिल्क बूथ, पोल्ट्री, मीट, मछली और चारा बेचने वाली दुकानें।

  • जिला प्रशासन की यह जिम्मेदारी होगी कि इन सभी सेवाओं की होम डिलिवरी का इंतजाम करे ताकि ज्यादा लोग घरों से बाहर न निकलें।


ये जरूरी सेवाएं मिलती रहेंगी



  • बैंक, एटीएम खुले रहेंगे। कैपिटल और डेबिट मार्केट सेबी के निर्देशों के अनुसार काम करेगा।

  • मनरेगा के तहत मजदूरों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काम करने की इजाजत रहेगी।

  • पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, सीएनजी, एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई जारी रहेगी।

  • डाक घर खुले रहेंगे, डाक सेवाएं जारी रहेंगी।

  • आईटी सेवाएं भी चलती रहेंगी।


क्लिनिक खुल सकेंगे, मेडिकल सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी



  • अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक, टेलिमेडिसिन सेवाएं चलती रहेंगी।

  • डिस्पेंसरी, केमिस्ट, फार्मेसी, जन औषधि केंद्रों समेत सभी तरह की दवा की दुकानें और मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानें।

  • मेडिकल लैब और कलेक्शन सेंटर।

  • फार्मा और मेडिकल रिसर्च लैब, कोरोना से जुड़ी रिसर्च करने वाले संस्थान।

  • वेटरनरी अस्पताल, डिस्पेंसरी क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब, टीकों और दवाओं की बिक्री।

  • कोरोना रोकने के लिए जरूरी सेवाएं देने वाले सभी अधिकृत निजी संस्थान, होम केयर, डायग्नोस्टिक और अस्पतालों के लिए काम करने वाली सप्लाई चेन।

  • दवा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, मेडिकल ऑक्सीजन, उससे जुड़ा पैकेजिंग मटेरियल और रॉ मटेरियल बनाने वाली मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स।

  • एंबुलेंस समेत मेडिकल, हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण।

  • सभी तरह की मेडिकल, वेटरनरी सेवाओं से जुड़े लोग, साइंटिस्ट, नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, मिड वाइव्स और एंबुलेंस समेत अस्पताल से जुड़ी सेवाओं को करने वाले लोगों का राज्य के अंदर और बाहर मूवमेंट जारी रहेगा।


ये अन्य सेवाएं भी खुली रहेंगी



  • ट्रक रिपेयर के लिए हाईवे पर दुकानें और ढाबे खुलेंगे। राज्य/केंद्र शासित राज्य प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि इनमें न्यूनतम दूरी बनी रहे।

  • ई-कॉमर्स कंपनियां भी काम कर सकेंगी। इनके खुलने या बंद होने पर प्रतिबंध नहीं होगा, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

  • ऐसे होटल, गेस्टहाउस और लॉज खुले रहेंगे, जिनमें लॉकडाउन के कारण लोग ठहरे हुए हैं।

  • खेती की मशीनें और उनके स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुल सकेंगी।

  • पशु शेल्टर यानी गौशालाएं खुली रहेंगी।


सामानों/कार्गो की आवाजाही चलती रहेगी



  • सभी तरह के सामानों की आवाजाही हो सकेगी। रेलवे के जरिए सामान और पार्सल भेजा जा सकेगा। 

  • विमानों का भी कार्गो, मदद और लोगों को निकालने के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। 

  • बंदरगाहों से देश के अंदर और बाहर रसोई गैस, खाद्य सामग्री और मेडिकल सप्लाई हो सकेगी। 

  • सड़क के रास्ते जरूरत के सामानों को ले जाने वाले ट्रकों-गाड़ियों की आवाजाही हो सकेगी। इसमें दो ड्राइवरों और एक हेल्पर को अनुमति मिलेगी।


सभी केंद्रीय कार्यालय और इससे जुड़े दफ्तर खुलेंगे 



  • केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के अधीन आने वाले डिपार्टमेंट्स और ऑफिसों में डिप्टी सेक्रेटरी और इससे ऊपर के अधिकारियों की 100% उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे नीचे के 33% से ज्यादा अधिकारियों और अन्य स्टाफ को जरूरत के मुताबिक ऑफिस आना होगा। 

  • सशस्त्र बल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आपदा प्रबंधन, मौसम विभाग, केंद्रीय सूचना आयोग, एफसीआई, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र और कस्टम के दफ्तरों में बिना रुकावट काम होगा।


राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कार्यालय और उनसे जुड़े ऑफिस भी खुले रहेंगे 



  • पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर और इमरजेंसी सर्विस, आपदा प्रबंधन, जेल और नगरीय निकाय के दफ्तरों में कामकाज जारी रहेगा।

  • इसके अलावा राज्यों के अन्य विभागों में स्टाफ की सीमित संख्या के साथ काम होगा। ग्रुप ए और बी के अधिकारी जरूरत पड़ने पर ऑफिस आएंगे। ग्रुप सी और उसके नीचे के 33 फीसदी कर्मचारी के साथ कामकाज होगा।

  • जिला प्रशासन और कोषागार में कर्मचारियों की सीमित संख्या के साथ काम होगा। हालांकि, जरूरी सेवाओं की डिलेवरी में लगे कर्मचारियों को छूट रहेगी।

  • वन विभाग के कर्मचारी चिड़ियाघरों, नर्सरी, पेडों की सिंचाई और जंगल में आग पर काबू पाने काम कर सकेंगे। 


ये सुविधाएं 3 मई तक बंद



  • सभी तरह की घरेलू और विदेशी उड़ानें (सुरक्षा कारणों से होने वाली आवाजाही और कार्गो छोड़कर) बंद रहेंगी।

  • यात्री ट्रेनों की सभी तरह की आवाजाही (सुरक्षा कारणों को छोड़कर) बंद रहेगी।

  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाली बसें नहीं चलेंगी।

  • मेट्रो रेल सेवाएं बंद रहेंगी।

  • मेडिकल वजहों को छोड़कर बाकी सभी लोगों का एक दूसरे से जिलों और एक से दूसरे राज्यों में मूवमेंट नहीं होगा।

  • सभी तरह के एजुकेशन, ट्रेनिंग और कोचिंग इंस्टिट्यूट्स बंद रहेंगे।

  • जिन्हें इजाजत मिली हुई है, उसे छोड़कर सभी तरह की कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गतिविधियां बंद रहेंगी।

  • जिन्हें इजाजत मिली हुई है, उसे छोड़कर हॉस्पिटैलिटी सेवाएं भी नहीं चलेंगी।

  • ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा, टैक्सी और कैब सेवाएं बंद रहेंगी।

  • सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इनके जैसी जगहें भी नहीं खुलेंगी।

  • सभी तरह के सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक और धार्मिक समारोह या जमावड़े की इजाजत नहीं होगी।

  • आम लोगों के लिए सभी तरह के धार्मिक स्थान और इबादत की जगहें बंद रहेंगी। धार्मिक जमावड़े को कड़ाई से बंद रखना होगा।



Popular posts
भोपाल / नई दिल्ली-हबीबगंज शताब्दी एक्सप्रेस रद्द, भोपाल से स्पाइसजेट की उड़ानें भी आज से बंद
सरकार बदलने के साइड इफेक्ट / भोपाल में दो नगर निगम बनने की संभावनाएं खत्म; मास्टर प्लान का ड्राफ्ट भी वापस होने के आसार
सुविधा / राजा भोज एयरपोर्ट पर 10 फरवरी से शुरू होगा कार्गो कॉम्प्लेक्स, सवा घंटे में दिल्ली व मुंबई पहुंचेंगी फल-सब्जी और दवाएं
लॉकडाउन गाइडलाइन और कानून / लॉकडाउन तोड़ा तो 2 साल की अधिकतम सजा और जुर्माना, आपदा प्रबंधन कानून की 9 धाराएं और आईपीसी की धारा 188 लगेगी